फेक एप्स को कैसे पहचाने full details in Hindi

फेक एप्स को कैसे पहचाने full details in Hindi

 

दोस्तों, नया मोबाइल हाथ में आते ही हम सबसे पहले प्ले स्टोर या एप स्टोर से अपनी पसंद के यूटिलिटी एप्स से लेकर गेम्स और मैसेजिंग जैसे तमाम एप्स इंस्टॉल करते है| लेकिन क्या आप जानते है कि प्ले स्टोर पर उपलब्ध ढेरों एप्स में बहुत से फेक एप्स भी मौजूद होते है जो मैलवेयर युक्त होते है| इसके बड़े उदाहरण देखने को मिले है|

जहां पिछले वर्ष वोट्सएप का फेक वर्जन एक मिलियन से भी ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया

ऐसे में फेक एप्स के नुकसान और बचाव के तरीके जानना बहुत जरूरी है|

प्ले स्टोर से एप इंस्टॉल करने से पहले कुछ पॉइंट्स की पड़ताल आपको फेक एप्स से बचा सकती है| तो दोस्तों आइए फेक एप्स के नुकसान और पहचान के तरीके जानते है….

 

फेक एप्स को पहचानने की ट्रिक्स:-

1. सर्च रिजल्ट्स देखें-

फेक एप्स लगभग हमेशा ही ओरिजनल एप के आइकन की कॉपी करता है, ऐसे में अगर आपको एक ही एप के दो या उससे ज्यादा आइकन दिखे तो चौकन्ने हो जाइए|

 

2. नाम और डेवलपर चेक करें-

फेक एप्स का डेवलपर का नाम ओरिजनल एप्स से मिलता जुलता होता है|

फेक वोट्सएप में डेवलपर का नाम असली जैसा था लेकिन आगे अपडेट जुड़ा था | इसी तरह स्विफ्टकी के फेक एप्स का नाम स्विफ्ट कीबोर्ड रखा गया|

ऐसे संकेतो से फेक एप आसानी से पहचाने जा सकते है| अत: एप्स डाउनलोड करने से पहले एप्स का नाम और डेवलपर का नाम गौर करके देख लेना चाहिए|

 

3. डाउनलोड काउंट भी देखें-

पॉपुलर एप को डाउनलोड कर रहे है तो यह भी देखें कि उसे कितनी बार डाउनलोड किया जा चूका है| अमूमन ऐसे एप्स के करोड़ो डाउनलोड्स होते है| लेकिन उसकी लिस्टिंग में ऐसा फेक एप सामने आए जिसके केवल कुछ हजार डाउनलोड्स ही हों तो यह निश्चित है कि वह फेक एप है|

अत: एप्स डाउनलोड करने से पहले उसकी डाउनलोड काउंट जरुर चेक करें|

 

4. डिटेल्स पढ़े और स्क्रीनशॉट्स देखें-

वैध डेवलपर अपने एप का विवरण लिखने में बहुत सावधानी बरतते है|वे विवरण लिखने में गलतियाँ नही करते है|

 

किसी एप के विवरण में शब्दों या भाषा की गलतियाँ नजर आएं तो संभल जाए| गलती भरा विवरण उस एप के फेक होने की तरह इशारा करता है|

 

फेक एप्स कैसे नुकसानदायक होते है:-

फेक एप्स पॉपुलर एप्स की हुबहू कॉपी होते है और उन्हीं के नाम और आइकन का इस्तेमाल करते है| इस तरह के एप्स को कतई हल्के में नही लेना चाहिए| ये फेक एप्स चोरी छिपे न केवल आपकी पर्सनल इंफॉर्मेशन को चुरा लेते है बल्कि आपके हरेक मूव को ट्रेक कर सकते है|

इसी गंभीरता को समझते हुए गूगल ने प्ले स्टोर में एप्स को वैरिफाई करने के लिए गूगल प्ले प्रोजेक्ट नाम का एक सिक्योरिटी सिस्टम भी शुरू किया है जो प्ले स्टोर में आने से पहले एप्स को स्कैन करता है| यही नही गूगल ने 2017 में 7 लाख से भी ज्यादा मैलिशियस एप्स रिमूव किया है|

 

दोस्तों मै उम्मीद करता हूँ कि यह पोस्ट आपको पसंद आएगी| इस पोस्ट की सहायता से आप फेक एप्स की पहचान कर सकोगे|

 

यह post ‘फेक एप्स को कैसे पहचाने full details in Hindi ‘ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जरुर बताए|

5 Replies to “फेक एप्स को कैसे पहचाने full details in Hindi”

    1. धन्यवाद,
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